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Wednesday, June 14, 2017

ताड़ासन योग Tadasana Yoga

ताड़ासन योग की विधि (Steps of Tadasana Yoga)

  1. सबसे पहले अपने पैरों के मदद से सीधे खड़े हों।
  2. अपने दोनों पैरों के बीच थोडा सा जगह बनायें।
  3. उसके बाद एक लम्बी साँस के साथ अपने पैरों की उँगलियों की मदद से शरीर को थोडा ऊपर उठायें और अपने दोनों हांथों को धीरे-धीरे उपर उठायें। उसके बाद अपने एक हाँथ की उँगलियों से दूसरी हाँथ के उँगलियों को जोड़ें।
  4. कम से कम 15-30 सेकंड इस मुद्रा में रहें और अपने शरीर को ऊपर की और खींचें।
  5. उसके बाद धीरे-धीरे अपने हांथों को सामान्य स्तिथि में ले आयें।
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ताड़ासन योग  के फायदे (Benefits of Tadasana Yoga)

  1. यह आसन उन लोगों के ज्यादा फायदेमंद साबित होता है जो अपना लम्बाई बढ़ाना चाहते हैं।
  2. मुद्रा में सुधार होता है।
  3. रीढ़ की समस्याओं से दूर रखता है।

अधोमुखश्वानासन योग (Adho Mukha Svanasana Yoga)

अधोमुखश्वानासन योगा  की विधि (Steps of Adho Mukha Svanasana Yoga)

  • सबसे पहले सीधे खड़े हों और दोनों पैरों के बिच छोड़ा दूरी रखें।
  • उसके बाद धीरे से नीचे की ओर मुड़ें जिससे की V जैसे Shape बनेगा।
  • जैसे की ऊपर दिए हुए फोटो में आप देख रहे हैं दोनों हाथों और पैरों के बीच में थोडा सा दूसरी बनायें।
  • साँस लेते समय अपने पैरों की उँगलियों की मदद से अपने कमर को पीछे की ओर खींचें। अपने पैरों और हांथों को ना मोड़ें।
  • ऐसा करने से आपके शरीर के पीछे, हांथों और पैरों को अच्छा खिंचाव मिलेगे।
  • एक लम्बी से साँस लें और कुछ देरी के लिए इस योग पोज़ में रुकें।
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अधोमुखश्वानासन योगा के फायदे (Benefits of Adho Mukha Svanasana Yoga)

  • मांसपेशियों में मजबूती आती है।
  • साइनस की समस्या दूर होती है।
  • शरीर को अच्छा खिचाव मिलता है।
  • रक्त परिसंचरण में सुधार आता है।

जल्‍द छोड़ दें गर्म चाय पीना, हो सकता है कैंसर!

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एक शोध के मुताबिक अत्‍यधिक गर्म चाय पीना कहीं न कहीं आप कैंसर को खुद बुला रहें है। गर्मागर्म उबलती हुई चाय भले ही रोजमर्रा की जिंदगी में आपको राहत देती होगी मगर यह आपके भोजन नली को क्षतिग्रस्‍त कर देती है। ज्‍यादा गर्म चाय पीने नली झुलस जाती है। 

संयुक्त राष्ट्र की कैंसर एजेंसी इंटरनेशनल ऐजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर द्वारा किए गए रिसर्च में यह बात सामने आई है कि जो लोग अत्यधिक गर्म और सामान्य तापमान से ज्‍यादा गर्म पेय पदार्थों का सेवन करते हैं उन्हें भोजन नली का कैंसर होने की संभावना रहती है। एजेंसी के मुताबिक यह निष्कर्ष लगभग 1 हजार वैज्ञानिक रिसर्च की समीक्षा करने के बाद द्वारा निकाला गया।

इस रिसर्च में सामान्य तापमान वाले और इससे कुछ कम गर्म पेय पदार्थों को इसमें शामिल नहीं किया गया। खास तौर से इस रिसर्च को उन स्थानों पर किया गया जहां पर अत्‍यधिक अधिक गर्म पेय पदार्थों का सेवन किया जाता है। चीन, ईरान, टर्की व दक्षिण अमेरिका में किए गए शोध के अनुसार 65 डिग्री सेल्स‍ियस के अधिक गर्म पेय पदार्थों का सेवन करना न केवल भोजन नली को अंदर से झुलसाकर क्षतिग्रस्त करता है बल्कि भोजन नली में कैंसर भी पैदा करता है।

इससे बचने के उपाय

वैज्ञानिकों द्वारा किए गए रिसर्च के बाद उन्‍होंने खुद यह बात कही है कि गर्म पेय पदार्थ की वजह से भोजन नली या गले में होने वाले कैंसर से बचने का सिर्फ एक ही उपाए है। इसके लिए जब भी आप गर्म पदार्थों का सेवन करें तो यह जरूरी भाप लें कि कहीं पेय पदार्थ सामान्‍य से ज्‍यादा गर्म तो नही है। यदि गर्म है तो उसे थोड़ा ठंडा कर लें, जिससे आपके भोजन नली को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। इससे आपको कैंसर होने का खतरा नही रहेगा।

अब नमक से होगा कैंसर का इलाज! जानें कैसे

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एक नए शोध के मुताबिक कैंसरग्रस्त कोशिकाओं में नमक प्रवाहित करके कोशिका को खत्म किया जा सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि उनकी इस नई खोज के जरिए कैंसर के उपचार के लिए नई दवाएं बनाई जा सकती हैं। वैज्ञानिकों ने एक ऐसा अणु निर्मित करने में सफलता पाई जो कैंसरग्रस्त कोशिकाओं में सोडियम और क्लोराइड के आयन प्रवाहित करता है, जिससे कैंसरग्रस्त कोशिकाएं खुद ही मर जाती हैं। यह अध्‍ययन नेचर केमिस्ट्रिी में प्रकाशित किया गया है।

इंग्लैंड के साउथम्पटन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक फिलिप गेल ने कहा, ‘इस अध्ययन में दिखाया गया है कि कोशिकाओं की झिल्लियों में मौजूद सोडियम चैनल क्लोराइड संवहिकाओं के साथ प्रतिक्रिया कर  कोशिका में नमक का प्रवाह करती है। गेल के अुनसार, ‘इससे हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि नमक की सहायता से हम किसी कोशिका को स्वत: समाप्त होने की ओर धकेल सकते हैं। ’मानव शरीर में मौजूद कोशिकाएं झिल्लियों में मौजूद आयनों की सांद्रता स्थिर रखने की पूरी कोशिश करती है। इस संतुलन को खत्म करके कोशिकाओं को खुदकुशी की तरफ धकेला जा सकता है।

हालांकि यह मानव शरीर द्वारा खराब हो चुकी कोशिकाओं से मुक्ति पाने के लिए स्वत: अपनाई जाने वाली प्रक्रिया ही है। कैंसर से ग्रस्त होने के बाद कोशिकाओं में आयनों के संवहन की प्रक्रिया बदल जाती है, और कोशिकाओं के स्वत: मरने की प्रक्रिया रूक जाती है।

Tuesday, June 13, 2017

कैंसर क्‍या है ? ( What Is Cancer ?)

कैंसर जानलेवा बीमारी है। कैंसर के मरीज जल्‍दी ठीक नही होते हैं क्‍योंकि इसके लक्षणों का पता देर से चलता है। कैंसर के बारे में ज्‍यादा जानकारी के लिए इस केटेगरी को पढ़ें। कैंसर क्‍या है, कैंसर के लक्षण क्‍या हैं, कैंसर के विभिन्‍न प्रकार, सर्वाइकल कैंसर, ब्‍लैडर कैंसर, कोलोरेक्‍टल कैंसर, स्‍तन कैंसर, ब्रेन ट्यूमर, एसोफैगल कैंसर, पैंक्रियाटिक कैंसर, बोन कैंसर ब्‍लड कैंसर, आद‍ि के बारे में जानिए इस केटेगरी में।

कैंसर के लक्षण / Symptoms of Cancer

कैंसर के लक्षण / Symptoms of Cancer

ब्लड कैंसर / Blood Cancer

  • Blood कैंसर तीन प्रकार के होते है
  • पहला लयूकेमिया(leukemia), दूसरा लिंफोमा(lymphoma), और तीसरा मायलोमा (myeloma)। इसके लक्षण कुछ इस प्रकार दिखाई देते है :-
  • एनीमिया(anemia) का होना, कमजोरी लगना, ज्यादा थकान महसुस होना।
  • सीने में दर्द का होना, सांस लेने में तकलीफ होना ।
  • किसी भी प्रकार का इन्फेक्शन होने पर जल्दी ठीक न होना ।
  • lymph नोदेस में सुजन का हो जाना आदि blood कैंसर के लक्षण होते है ।
स्तन कैंसर / Breast Cancer
  • आमतौर पर ये कैंसर महिलाओं में पाई जाती है जो की सही समय पर ना पता चले तो बहुत ही खतरनाक साबित हो सकता है । इसके लक्षण है :
  • स्तन(breast) में दर्द व सुजन का होना।
  • स्तन में गांठ का हो जाना ।
  • >स्तन में किसी भी तरह का परिवर्तन होना या फिर निप्पल से खून आना भी स्तन कैंसर का लक्षण हो सकता है ।
मुंह का कैंसर
  • माउथ कैंसर को ओरल कैंसर(oral cancer) भी कहा जाता है। ये बीमारी आमतौर पर उन लोगो में पाई जाती है जो लोग जरुरत से ज्यादा गुटका खाते है या फिर ज्यादा सिगरेट पीते है। इस बीमारी के लक्षण कुछ इस प्रकार नजर आते है:
  • माउथ कैंसर में सबसे पहले मुंह में छाले हो जाते है साथ ही साथ मुंह के अन्दर पूरा सुजन भी हो जाता है जो की आम छाला या सुजन की तरह जल्दी ठीक नहीं होता।
  • मुंह के भीतरी हिस्से में जहाँ तहां छोटे छोटे गांठ बनने लगते है ।
  • थूक घोटने में या फिर खाना,पानी निगलने समय गले में बहुत तकलीफ होता है।


फेफड़े में कैंसर
  • आमतौर पर ये बीमारी उनमें पाई जाती है जो लोग ज्यादा ध्रूमपान करते है या फिर ज्यादा से ज्यादा धूल व प्रदुषण से प्रभावित होते है । lung cancer का लक्षण है :
  • lung cancer के मरीज में जब फेफड़ों में ट्यूमर फैलने लगती है तो मरीज को ह्रदय में अक्सर दर्द होता है साथ ही उसे सांस लेने में भी तकलीफ होती है जिसके वजह से उसे घुटन महसूस होने लगती है जो की lung cancer का लक्षण है।
  • अगर खांसने समय मुंह से खून निकले से ये भी lung cancer का हिन् लक्षण होता है ।

हड्डियों में कैंसर / Bone Cancer
  • हड्डियों में कैंसर का होना भी बहुत खरतनाक साबित हो सकता है इसलिए हड्डियों से जुड़ी कोई भी समस्या हो तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करे। bone cancer को पहचानने का तरीका है:-
  • अक्सर पीठ व कंधो के हड्डियों में दर्द रहना का लक्षण हो सकता है ।
  • bone cancer में कांधे में ट्यूमर हो जाने की वजह से मरीज को अक्सर पीठ में दर्द की वजह से बुखार व पसीना आ जाता है।

स्किन कैंसर / Skin Cancer
  • skin cancer किसी को भी हो सकता है। ज्यादातर ये बीमारी उन लोगों को होने की संभावना होती है जो लोग धुप में ज्यादा रहते है। skin cancer तीन तरह के होते है पहला बेसल सेल कार्सिनोमा(BCC), स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा(SCC) और तीसरा मेलानोमा। skin cancer के लक्षण होते है :-
  • skin पर छोटे छोटे गांठ का पर जाना साथ ही लाल रंग के धब्बे का होना।
  • skin का रंग बदलना और बहुत खुजली होना।
  • skin पर अनावश्यक मस्से का निकलना आदि skin कैंसर के लक्षण होते है।


पेट में कैंसर / Stomach Cancer
  • पेट में cancer ज्यादातर ५० से ६० उम्र के बाद ही होने की संभावना रहती है । ये कैंसर ज्यादातर उनलोगों में पाई जाती है जो लोग कम उम्र से ही ज्यादा शराब व सिगरेट का सेवन करते है । इसके लक्षण है :-
  • पेट में हमेशा दर्द रहना ।
  • कमजोरी व बहुत जल्दी थकान लगना।
  • एनीमिया का सिकायत होना ।
  • तेजी से वजन कम होना आदि ।

दिमाग में कैंसर / Brain Cancer
  • इसके मरीज को दिमाद में ट्यूमर हो जाता हो जो की धीरे धीरे बढ़ते जाता है। परिवार में एक भी सदस्य को अगर brain ट्यूमर है तो वो आपको भी हो सकता है। brain ट्यूमर को पहचानने का इसका लक्षण है :-
  • हमेशा सर में दर्द व उल्टी होना ।
  • बार बार चक्कर आना ।
  • धुंधला दिखना ।
  • दिमाग में गांठ होना साथ ही यादास्त कमजोर होना आदि ।

गर्भाशय कैंसर / Uterus Cancer
  • प्रेगनेंसी के दवरान गर्भाशय(uterus) में किसी भी तरह का घाव हो जाने से अगर वो जल्दी ठीक ना हो रहा हो तो कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है। ज्यादातर ये समस्या 40 से 45 उम्र के बाद ही होने की संभावना रहती है। पैरों व कमर में अक्सर दर्द रहना इसके लक्षण माने जाते हैं।
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नाइट शिफ्ट में काम करने से बुरी तरह प्रभावित होता है लीवर

लंदन : रात के वक्त यानी नाइट शिफ्ट में काम करना आपके स्वास्थय के लिए काफी नुकसानदेह साबित हो सकता है. एक शोध में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि नाइट शिफ्ट में जिगर यानी लीवर बुरी तरह प्रभावित होता है. लिवर 24 घंटों में दिन और रात के हिसाब से भोजन और भूख के चक्र का आदी हो जाता है.
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रात की ड्यूटी यानी नाइट शिफ्ट के चलते आप समय पर भोजन नहीं कर पाते, जिसका सीधा असर आपके लिवर पर पड़ता है. शोधकर्ताओं ने चूहों पर प्रयोग कर पाया कि लिवर का आकार रात में बढ़ता है और वह खुद को ज्यादा खुराक के लिए तैयार करता है, लेकिन उसे समय पर उतनी खुराक नहीं मिल पाती.

जैविक क्रिया की लय उलटने पर लिवर के घटने-बढ़ने की प्रक्रिया प्रभावित होती है


सेल नामक पत्रिका में प्रकाशित एक रिसर्च आधारित लेख में शोधकर्ताओं ने बताया है कि जब सामान्य जैविक क्रिया की लय उलट जाती है तो लिवर के घटने-बढ़ने की प्रक्रिया प्रभावित होती है.
शोधकर्ताओं का कहना है कि व्यावसायिक बाधाओं या निजी आदतों के चलते हमारी जैविक घड़ी यानी बायोलॉजिकल क्लॉक और दिनचर्या बिगड़ती है. जिसका सीधा असर लिवर के महत्वपूर्ण कामकाज पर पड़ता है. प्रयोग के दौरान चूहों को रात में चारा दिया गया, जबकि दिन में आराम करने दिया गया.

इस मामले में जिनेवा यूनिवर्सिटी के शोध प्रमुख फ्लोर सिंटूरल ने कहा कि हमने देखा कि रात में सक्रिय चरण यानी एक्टिव फेज़ के दौरान लिवर 40 प्रतिशत से अधिक बढ़ता है और दिन के दौरान यह शुरुआती आकार में वापस आ जाता है. बायोलॉजिकल क्लॉक में बदलाव से यह प्रक्रिया प्रभावित होती है.

मोटापा कम करने का ये तरीका हो सकता है ख़तरनाक

मोटापा कम करने का ये तरीका हो सकता है ख़तरनाक मोटापा कम करने या दूसरे शब्दों में कहें तो शरीर से चर्बी घटाने के लिए की जाने वाली सर...